सोच एक बड़ी "सोच" है
🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔 'सोच-सोच के "सोच" को सोचो, सोच एक बड़ी "सोच" है |' सोच-सोच के,"सोच" को जो सोच सका न, सोचो वो कैसी "सोच" है? सोचने का सबको अधिकार है | पर,सोच के भी कई प्रकार हैं|| कहीं मतलबी "सोच" है, तो कहीं ईर्ष्यालु "सोच" है | कहीं प्यार भरी "सोच" है , तो कहीं झगड़ालू "सोच" है || कहीं रंगभेदी "सोच" है, तो कहीं नस्लभेदी "सोच है | कहीं संकी "सोच"है, तो कहीं आतंकी "सोच" है | कहीं तेरी "सोच" है, तो कहीं मेरी "सोच" है | कहीं इसकी "सोच" है, तो कहीं उसकी "सोच" है || कहीं अच्छी "सोच" है, तो कहीं बुरी "सोच" है | कहीं झूठी "सोच" है, तो कहीं ख़री "सोच" है || "सोच" में अपनी इंसानियत लाओ| ज़िन्दगी में अपनी एहमियत बनाओ|| ज़िन्दगी की बुनियाद है, इंसानियत | रब से की गई फरियाद है, इंसानियत || इंसान की इंसानियत कभी, किसी को ठेस नहीं पहुँचाती | बढ़ाती है ...