Pearlvine in Hindi
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हम सभी हंसते - मुस्कुराते नई उम्मीद और नए सपनों के साथ आगे बढ़ गए , परंतु वास्तव में आज जिंदगी का एक दिन और कम हो गया। जो हमें पहले प्राप्त कर लेना चाहिए था वह अब आने वाले समय में प्राप्त होगा। क्या ऐसा वास्तव में हो पाएगा? कितने लोग ऐसा मानते हैं? वही मानते हैं जिनको अपने ऊपर पूर्ण विश्वास है। और उन्होंने अपने हिसाब से स्ट्रक्चर फॉर्मेटिंग कर रखी है। केवल कार्यान्वित करने की देरी है......यही देरी ही तो सारी फसाद की जड़ है। लेकिन करें भी तो क्या अगर सब कुछ अपने हाथ में होता तो सभी अपने हिसाब से दुनिया बदल कर रख देते। इसीलिए एक बेहतरीन तरीके का सिस्टम डिजाइन किया गया है। उसी के अनुसार सारी दुनिया चल रही है । उसका कोई मालिक नहीं। इसे कहते हैं डिसेंट्रलाइज्ड सिस्टम। जहां सभी अपने अपने कर्मों के अनुसार फल भोगते हैं। अब आप समझ गए होंगे...... पर्लवाइन इंटरनेशनल सिस्टम भी इसी तरह का अनोखा सिस्टम है। कोई किसी को टोकता नहीं है, कोई किसी को रोकता नहीं। जो इसके साथ जिस तरह से सहमत है, यह भी उसी तरह से सहमत है। अपनी अपनी समझ है..... कोई बेहतरीन कहता है तो कोई बेकार। आप क्या कहते हैं यह आप पर निर्भर करता है। अपनी सोच और समझ को एक सकारात्मक दिशा दीजिए। आगे बढ़िए.....। कोई रैंक कोई उपलब्धि आपसे हमसे दूर नहीं। Pearlvine जैसा सिस्टम बार बार नहीं मिला करता। ऐसा होता तो हम और आप बहुत पहले कुछ कर चुके होते।
*सिस्टम कुछ नया करने वाला है, कुछ बेहतर प्रदान करने जा रहा है। जो भी करे, जैसा भी करे , जितना दे यह सिस्टम की सोच है।*
लेकिन, हम और आप इतना दिमाग क्यों लगा रहे हैं, खुद को क्यों रोक कर रखा है? आंखो से देखने की ख्वाहिश है कि देखते हैं क्या होता है? फिर देखते ही रह जायेंगे.......अभी तक जितना मिला क्या वह आपकी सोच थी?
अगर नहीं
*तो क्या आगे जो मिलने वाला है, जिसकी उम्मीद हम और आप लगा कर बैठे हैं , क्या उसके लिए हमने खुद को क्वालीफाई कर लिया है? यह विचार कीजिए और नया स्टेप लीजिए।*
धन्यवाद, 👍👍🌹🌹💐🎉🎉
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